रेलवे स्टेशन क्षेत्र की होटलों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी की जांच सिंहस्थ से पहले शहर में अग्निशमन की तैयारी तेज -फायर आफिसर ने 20 होटल जांचे,2 में अग्नि सुरक्षा के लिए कुछ नहीं मिला

उज्जैन। नगर निगम के फायर आफीसर एवं कार्यपालन यंत्री लक्ष्मण प्रसाद साहु ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र की 20 होटलों की फायर सेफ्टी जांच एवं निरीक्षण किया है। 18 होटलों में अग्निशमन के छोटे मोटे यंत्र मिले हैं। 2 होटलों में किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण नहीं मिले। दोनों को नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में एलिवेटेड ब्रिज के लिए दबाव के रूप में देखा जा रहा है।  बकौल श्री साहू हमने शहर में 5 पिक स्पाट तय किए हैं जहां फायर सेफ्टी के पालन की तैयारी सिंहस्थ के मान से करवा रहे हैं।

स्टेशन क्षेत्र की होटलों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र ,अग्निशमन आडिट रिपोर्ट की जांच की गई है। फायर आफीसर की इस कार्रवाई को लेकर होटल वालों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह एलिवेटेड ब्रिज के लिए दबाव की कार्रवाई है। क्षेत्र में ब्रिज को लेकर विरोध चल रहा है। अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फायर सेफ्टी नियमों के पालन की जांच का क्रम तय किया गया है। शहर में  रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित विभिन्न होटलों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र, अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान होटल संचालकों को बताया गया कि फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र के साथ वार्षिक अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

होटल संचालकों को जानकारी भी दी-

होटलों पर पहुंचे फायर आफीसर ने फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र प्राप्त करने एवं उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र की वैधता 03 वर्ष की होती है तथा इसकी अवधि समाप्त होने के 02 माह पूर्व नवीनीकरण हेतु आवेदन करना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 30 जून तक अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट अग्निशमन अधिकारी को प्रस्तुत करना भी अनिवार्य है।

इन होटलों की जांच-

फायर आफीसर ने होटल गुजरात पैलेस, होटल विराज, होटल कलश, होटल शिव महिमा, होटल आमंत्रण, होटल ड्रीम पैलेस, होटल आमंत्रण एवेन्यू, होटल रॉयल व्यू एवं होटल एटलस सहित अन्य प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी, भवन अनुज्ञा एवं विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया है। दो होटलों में अग्निशमन को लेकर कुछ भी साधन नहीं मिले हैं। इन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। अगर तैयारी आगे नहीं मिली तो इन्हें सिल किया जाएगा।

फायर आफीसर ने बताए नियम-

 फायर ऑफिसर श्री साहू के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी भवनों, एक तल पर 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले भवनों, बड़े होटल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन एवं अन्य मिश्रित अधिभोग वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं 50 से कम बिस्तरों वाले होटल एवं अस्पतालों को पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करना होगा।

आडिट में इनकी जांच-

फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, फायर अलार्म एवं स्मोक डिटेक्टर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट एवं स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, इमरजेंसी लाइटिंग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन योजना, मॉक ड्रिल तथा फायर एनओसी से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाती है।

शहर में 5 पिक स्पाट-

श्री साहू के अनुसार सिंहस्थ 2028 के तहत अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता है। इसी को लेकर शहर के 5 पिक स्पाट तय किए गए हैं। इनमें महाकाल मंदिर के चारो और का क्षेत्र, देवासगेट-रेलवे स्टेशन क्षेत्र, हरिफाटक-इंजीनियरिंग कालेज रोड के होटल,नानाखेडा बस स्टैंड का पुरा क्षेत्र,फ्रीगंज क्षेत्र आगररोड पर स्थित होटल इसके तहत हैं। यहां पर अग्निशमन के लिए तैयारी करवाने की प्रक्रिया का पालन किया जाना है। छोटे एवं बडे सभी होटलों में अग्निशमन के मुवेबल यंत्र लगवाए जाना है। इसके साथ जहां जरूरत है वहां पुरा प्लांट लगवाया जाना है।

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